उदाहरण
₹1 लाख की FD 7% सालाना ब्याज पर, तिमाही चक्रवृद्धि के साथ, 5 साल बाद ₹1,41,478 हो जाती है। मिला ब्याज ₹41,478 है।
₹1 लाख की FD की मैच्योरिटी तालिका
तिमाही चक्रवृद्धि के साथ ₹1 लाख की FD की मैच्योरिटी राशि।
| ब्याज दर | 1 साल | 2 साल | 3 साल | 5 साल | 10 साल |
|---|---|---|---|---|---|
| 6% | ₹1,06,136 | ₹1,12,649 | ₹1,19,562 | ₹1,34,686 | ₹1,81,402 |
| 6.5% | ₹1,06,660 | ₹1,13,764 | ₹1,21,341 | ₹1,38,042 | ₹1,90,556 |
| 7% | ₹1,07,186 | ₹1,14,888 | ₹1,23,144 | ₹1,41,478 | ₹2,00,160 |
| 7.5% | ₹1,07,714 | ₹1,16,022 | ₹1,24,972 | ₹1,44,995 | ₹2,10,235 |
| 8% | ₹1,08,243 | ₹1,17,166 | ₹1,26,824 | ₹1,48,595 | ₹2,20,804 |
हिसाब कैसे होता है
A = P × (1 + r ÷ 4)^(4 × t)
P जमा राशि है, r दशमलव में सालाना दर है और t सालों में अवधि है। यह कैलकुलेटर तिमाही चक्रवृद्धि इस्तेमाल करता है, जो ज़्यादातर भारतीय बैंक क्यूम्युलेटिव FD पर लगाते हैं।
FD पर मिला ब्याज आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स के दायरे में आता है, और ब्याज सरकार की तय सीमा से ऊपर जाने पर बैंक TDS काटते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
FD का ब्याज कैसे जुड़ता है?
भारत में ज़्यादातर बैंक क्यूम्युलेटिव FD पर हर तिमाही ब्याज जोड़ते हैं। कुछ बैंक मासिक या सालाना चक्रवृद्धि लगाते हैं, इसलिए बैंक का आँकड़ा इससे थोड़ा अलग हो सकता है।
क्या FD का ब्याज टैक्स-फ़्री है?
नहीं। FD का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और आपके स्लैब की दर से उस पर टैक्स लगता है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में सिर्फ़ 5 साल की टैक्स-सेवर FD में जमा रकम पर कटौती मिल सकती है; उसका ब्याज फिर भी टैक्स के दायरे में आता है।
फ़ॉर्मूला और जानकारी की पिछली जाँच: अक्टूबर 2026। नतीजे अनुमान हैं, वित्तीय सलाह नहीं।