उदाहरण
₹6,00,000 सालाना सैलरी पर 10% हाइक से सैलरी ₹6,60,000 हो जाती है। यानी टैक्स से पहले साल में ₹60,000 या महीने में ₹5,000 ज़्यादा।
सैलरी हाइक तालिका: नई सालाना सैलरी
हाइक के बाद नई सालाना सैलरी, टैक्स से पहले।
| मौजूदा सैलरी | 5% बढ़ोतरी | 10% बढ़ोतरी | 15% बढ़ोतरी | 20% बढ़ोतरी | 30% बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|---|
| ₹3 लाख | ₹3,15,000 | ₹3,30,000 | ₹3,45,000 | ₹3,60,000 | ₹3,90,000 |
| ₹5 लाख | ₹5,25,000 | ₹5,50,000 | ₹5,75,000 | ₹6,00,000 | ₹6,50,000 |
| ₹8 लाख | ₹8,40,000 | ₹8,80,000 | ₹9,20,000 | ₹9,60,000 | ₹10,40,000 |
| ₹12 लाख | ₹12,60,000 | ₹13,20,000 | ₹13,80,000 | ₹14,40,000 | ₹15,60,000 |
| ₹20 लाख | ₹21,00,000 | ₹22,00,000 | ₹23,00,000 | ₹24,00,000 | ₹26,00,000 |
हिसाब कैसे होता है
नई सैलरी = मौजूदा सैलरी × (1 + हाइक % ÷ 100)
हाइक का प्रतिशत आपकी मौजूदा सैलरी पर लगाया जाता है। मासिक आँकड़े सालाना सैलरी को 12 से भाग देकर निकलते हैं। सभी आँकड़े इनकम टैक्स और दूसरी कटौतियों से पहले के हैं, इसलिए हाथ में आने वाली सैलरी में बढ़ोतरी इससे कम होगी।
अगर आपके ऑफ़र लेटर में CTC लिखा है, तो याद रखें कि CTC में नियोक्ता का प्रोविडेंट फंड अंशदान जैसी चीज़ें भी शामिल होती हैं, जो हर महीने आपके बैंक खाते में नहीं आतीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हाइक का प्रतिशत कैसे निकालें?
नई सैलरी में से पुरानी सैलरी घटाएँ, पुरानी सैलरी से भाग दें और 100 से गुणा करें। ₹6,00,000 से ₹6,60,000 होने पर (60,000 ÷ 6,00,000) × 100 = 10%।
हाइक CTC पर लगता है या हाथ में आने वाली सैलरी पर?
कंपनियाँ आम तौर पर हाइक CTC पर लगाती हैं। हाथ में आने वाली सैलरी कम बढ़ती है, क्योंकि टैक्स और प्रोविडेंट फंड की कटौती भी बढ़ जाती है।
फ़ॉर्मूला और जानकारी की पिछली जाँच: अक्टूबर 2026। नतीजे अनुमान हैं, वित्तीय सलाह नहीं।